खरोरा में बड़े उद्योगपतियों का कब्जा, अडानी पावर- मोजो मशरूम के बाद ग्रामीणों द्वारा वचन दूध डेयरी के प्रचार सामग्री पर की शिकायत

Date: 2025-12-31

वचन दूध डेयरी पर छोटे गौ पालकों को बदनाम करने के आरोप, प्रचार सामग्री में दूध की गुणवत्ता को लेकर विवाद

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खरोरा,
           वचन दूध डेयरी फार्म द्वारा अपने व्यवसाय के विस्तार को लेकर अपनाए जा रहे प्रचार तरीकों पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय छोटे गौ पालकों ने आरोप लगाया है कि डेयरी द्वारा बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण और मान्यता प्राप्त लैब रिपोर्ट के पंपलेट और विज्ञापनों के माध्यम से उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। गौ पालकों का कहना है कि रायपुर सहित कई शहरों में पंपलेट बांटे जा रहे हैं, जिनमें यह दावा किया गया है कि खुले वातावरण में रहने वाली गायों का दूध असुरक्षित होता है, उसमें प्लास्टिक, दूषित पानी, कीटाणु, मक्खियां मिल जाती हैं और जंग लगे डिब्बों में दूध निकालकर बेचा जाता है। आरोप है कि इन प्रचार सामग्रियों में यह भी कहा जा रहा है कि ऐसे दूध के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
           छोटे गौ पालकों ने इन दावों को एकतरफा, भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के आरोपों के समर्थन में न तो कोई वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है और न ही किसी अधिकृत प्रयोगशाला का प्रमाण। गौ पालकों के अनुसार, पारंपरिक रूप से दूध उत्पादन और विक्रय कर रहे छोटे व्यवसायियों की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह का प्रचार किया जा रहा है।
           गौ पालकों का यह भी कहना है कि वे स्वच्छता और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हुए दूध बेचते हैं और वर्षों से स्थानीय उपभोक्ताओं का भरोसा उनके साथ जुड़ा हुआ है। ऐसे में बिना ठोस प्रमाण के पूरे वर्ग को असुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताना अनुचित और निंदनीय है इस पूरे मामले को लेकर छोटे दूध विक्रेता और गौ पालक स्वयं को पीड़ित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि यदि किसी कंपनी के पास दूध की गुणवत्ता को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसे वैज्ञानिक जांच और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सामने लाया जाए, न कि प्रचार सामग्री के जरिए पूरे समुदाय को बदनाम किया जाए। फिलहाल, इस मुद्दे पर गौ पालकों में आक्रोश है और आने वाले दिनों में वे प्रशासनिक स्तर पर शिकायत, ज्ञापन और आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि उनकी आजीविका और सम्मान की रक्षा की जा सके।
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