खरोरा, सिख धर्म के दशम गुरु, महान योद्धा, कवि दार्शनिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की जयंती के पावन अवसर पर खरोरा में प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के गुरुद्वारे में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारे को आकर्षक विद्युत रोशनी और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार दोपहर को सहज पाठ साहिब जी के भोग की विधिवत समाप्ति के पश्चात गुरु का अटूट लंगर प्रारंभ किया गया। इस आयोजन का संचालन सिख समाज द्वारा किया गया, जिसमें सभी धर्म और वर्ग के नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और लंगर प्रसादी ग्रहण की।
गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज केवल सिख समाज के ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने अन्याय के खिलाफ संघर्ष, समानता, साहस और बलिदान का जो मार्ग दिखाया, वह आज भी प्रासंगिक है। प्रकाश पर्व हमें सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर समाज को आत्मसम्मान और एकता का संदेश दिया। उन्होंने अत्याचार के विरुद्ध खड़े होने का साहस दिया। आज का यह आयोजन हमें गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारे में शबद कीर्तन, अरदास और गुरु इतिहास का पाठ भी किया गया। पूरे आयोजन में सेवा, समर्पण और भाईचारे की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।