इस वारदात ने न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
*खरोरा अंचल में बिगड़ती कानून व्यवस्था: एक ही मार्ग पर दो महीने में दूसरी बड़ी वारदात*
खरोरा इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा लगातार टूटता जा रहा है। जिस मार्ग पर इसी साल फरवरी में किशोर सारथी की फिल्मी अंदाज में हत्या कर दी गई थी, उसी सड़क पर सोमवार देर शाम एक बार फिर सनसनीखेज लूट की घटना ने पूरे अंचल को दहला दिया है। तिल्दाडीह के पास हुई इस वारदात ने न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
घटना खरोरा के सबसे पुराने ज्वेलर्स कारोबारियों में से एक महावीर ज्वेलर्स से जुड़ी है। संचालक विनीत सोनी ने हाल ही में रायपुर के समीपस्थ ग्राम सेमरिया-नरदाहा में अपनी दूसरी ब्रांच शुरू की थी। रोज की तरह सोमवार को भी दुकान बंद करने के बाद मैनेजर टीकाराम शर्मा जेवरात लेकर खरोरा स्थित मुख्य शाखा के लिए निकले थे। रात करीब साढ़े आठ बजे जब वे तिल्दाडीह के पास पहुंचे तो पहले से घात लगाए बैठे दो से तीन बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने बिना कोई मौका दिए तलवार से मैनेजर पर हमला कर दिया और उनके पास मौजूद सोने-चांदी के जेवरात से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।
हमले में टीकाराम शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में गहरे वार लगे हैं। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। शुरुआती अनुमान में लूटे गए जेवरात की कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है।
*सीएसपी का बयान*
इस मामले पर सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगभग 18 से 20 लाख रुपए के जेवरात लूटे जाने और दो लोगों द्वारा मैनेजर को घायल किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से कुछ अहम सुराग मिले हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। सीएसपी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
वारदात की सूचना मिलते ही खरोरा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई और बदमाशों की तलाश में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
लेकिन इस घटना ने खरोरा अंचल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवतरा, कठिया और छड़ियां मार्ग पर रात होते ही लूटपाट की घटनाएं आम हो गई हैं। ग्रामीणों ने कई बार पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसके अलावा केशला-बड़ेरा मार्ग पर शाम ढलते ही युवकों द्वारा खुले में शराब और गांजा पीने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे महिलाओं और परिवारों का निकलना मुश्किल हो गया है।
फरवरी में किशोर सारथी की हत्या और अब ज्वेलर्स के मैनेजर पर हुए हमले ने एक बात साफ कर दी है कि बदमाशों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें पुलिस का कोई खौफ नहीं है। एक ही मार्ग पर दो महीने के भीतर दो बड़ी वारदातें होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरा अंचल दहशत में है और लोग शाम के बाद घर से निकलने में कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से रात में नियमित पेट्रोलिंग और संवेदनशील मार्गों पर स्थाई पुलिस पॉइंट लगाने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।