राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर सोनम की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. मेघालय सरकार ने सोनम की जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में सोनम रघुवंशी के जमानत वाले आदेश को रद्द करने की मांग की है।
मेघालय,
मध्यप्रदेश और देश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है. मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत के खिलाफ अब मेघालय सरकार ने मोर्चा खोल दिया है. सरकार ने मेघालय हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सोनम की जमानत रद्द करन की मांग की है, जिस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को नोटिस जारी कर दिया है. इस मामले में 12 मई को सुनवाई होनी है।
सरकार ने दायर की याचिका
मेघालय सरकार द्वारा दायर की गई याचिका में निचली अचालत के सोनम को जमानत देने के फैसले को चुनौती दी गई है. सरकार का तर्क है कि सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत तथ्यात्मक रूप से गलत आधारों पर टिकी है. याचिका में स्पष्ट किया गया है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को सभी कानूनी आधारों की पूरी जानकारी दी गई थी. सरकार ने कोर्ट में बताया कि मामले में 5 सितंबर 2024 को मुख्य चार्जशीट और 10 फरवरी को पूरक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इतना ही नहीं, 28 अक्टूबर 2024 को आरोप भी तय किए जा चुके हैं, जो साबित करता है प्रक्रिया का पूरी तरह पालन हुआ था.
टाइपिंग मिस्टेक बनी सोनम की ढाल-
इस मामले में सोनम रघुवंशी को जमानत पूर्वी खासी हिल्स जिला न्यायालय की सख्त टिप्पणियों के बाद हुई थी. कोर्ट ने शिलॉन्ग पुलिस की विवेचना को कमजोर बताते हुए सवाल उठाए थे कि चालान में अलग-अलग धाराएं लिखी गई थीं. पुलिस ने इसे टाइपिंग मिस्टेक बताया था, लेकिन कोर्ट ने इसे गिरफ्तारी प्रक्रिया का उल्लंघन माना. कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि गिरफ्तारी का फॉर्म सही ढंग से नहीं भरा गया और ट्रायल में भी देरी की गई, जिसके आधार पर सोनम को 50 हजार के मुचलके और शहर न छोड़ने जैसी शर्तों पर जमानत दी गई थी.
हाईकोर्ट से परिजनों को उम्मीदें-
राजा रघुवंशी के परिवार ने सोनम की जमानत का विरोध किया था. अब मेघालय सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका से पीड़ित परिवार को न्याय की नई उम्मीद जगी है. 12 मई की सुनवाई में यह तय हो सकता है कि सोनम जेल से बाहर रहेगी या फिर दोबारा जेल जाएगी.
इन शर्तों के आधार पर मिली जमानत-
- * सोनम केस से जुड़े किसी भी सबूत के साथ छेडख़ानी नहीं करेगी।
- * सोनम कोर्ट के क्षेत्राधिकार (शिलांग से बाहर) से बिना कोर्ट की इजाजत नहीं जा सकेगी।
- * हर तारीख पर कोर्ट में उपलब्ध होना होगा।
- * 50 हजार रुपए के बांड कोर्ट में जमा करेगी।