विशेष ग्राम सभा में महिलाओं और युवाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने लिया नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
खरोरा,
ग्राम पंचायत केसला में अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर लगाम कसने के लिए एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जनपद सदस्य प्रतिनिधि मुकेश भारद्वाज के मार्गदर्शन में आयोजित इस सभा में ग्रामीणों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर गांव को नशामुक्त बनाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया। सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नशा मुक्ति अभियान के प्रदेश प्रभारी वेद राम मनहरे उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में जनपद सदस्य श्रीमती सरोज भारद्वाज, उपसरपंच लोमश देवांगन सहित पंचायत के अन्य प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रमुख शामिल हुए।
नशा पूरे समाज का नाश करता है: वेदराम मनहरे
सभा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और नशा मुक्ति अभियान के प्रदेश प्रभारी वेदराम मनहरे ने कहा - "नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति और समाज के ताने-बाने को नष्ट कर देता है। आज युवा पीढ़ी जिस तरह से नशे की गिरफ्त में आ रही है, वह चिंता का विषय है। ग्राम केसला के निवासियों ने आज जो एकजुटता दिखाई है और नशामुक्ति का जो संकल्प लिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। हमें ऐसे ही सामूहिक प्रयासों से नशामुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।"
अवैध कारोबारियों पर होगी सख्त कार्रवाई: मुकेश भारद्वाज
जनपद सदस्य प्रतिनिधि मुकेश भारद्वाज ने ग्रामीणों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा - "गांव में शांति और विकास के लिए नशामुक्ति पहली शर्त है। केसला में अवैध शराब और नशे के व्यापार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। पंचायत, ग्रामीण और पुलिस प्रशासन के समन्वय से हम इस बुराई को जड़ से खत्म करेंगे। जो भी व्यक्ति अवैध शराब बेचता पाया जाएगा, उस पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
नाली जाम होने और सार्वजनिक स्थानों पर पीने से रोकने 'डिस्पोजल' पर लगाम: उपसरपंच
बैठक में उपसरपंच लोमश देवांगन ने एक अहम और व्यावहारिक मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर चौक-चौराहों पर शराब पीते हैं, क्योंकि गांव की दुकानों में शराब के साथ-साथ डिस्पोजल गिलास आसानी से मिल जाते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने घोषणा की कि शराब बंदी के साथ-साथ गांव और बस्ती के बीच स्थित सभी किराना और डेली नीड्स की दुकानों में 'डिस्पोजल गिलास' की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। इसके दो प्रमुख फायदे होंगे— पहला, चौक-चौराहों पर शराब पीने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और दूसरा, डिस्पोजल के कचरे से गांव की नालियां जो जल्दी जाम हो जाती हैं, वे साफ रहेंगी।
इनकी रही विशेष उपस्थिति-
इस विशेष ग्राम सभा में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें सतनामी समाज के अध्यक्ष हरि कीर्तन भारद्वाज, देवांगन समाज के अध्यक्ष राजू देवांगन और मीडिया प्रतिनिधि शेखर देवांगन प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा पंचगण नरेश कुर्रे, गायत्री कुर्रे, गायत्री देवांगन, पन्ना देवांगन, अरुण देवांगन, उमेश लहरें, सरस्वती सिन्हा, उत्तरा वर्मा और छबि नशीने सहित समस्त पंचगण एवं सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ ग्रामीण, महिलाएं एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में गांव के विकास और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए इस मुहिम को सफल बनाने का भरोसा दिलाया।