हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर जबरन धर्मांतरण का प्रयास, पास्टर और सहयोगी पर FIR दर्ज

Admin 2026-06-24

रायपुर के ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले में चल रहा था खेल, ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद खरोरा पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई।

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खरोरा,
          रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माठ के आदिवासी मोहल्ले में जबरन धर्मांतरण कराने और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पास्टर समेत दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर खरोरा पुलिस ने बुधवार रात FIR क्र. 0302/2026 पंजीबद्ध की है। आरोप है कि दोनों आरोपी बीमारी ठीक करने का झांसा देकर चंगाई सभा कर रहे थे और इस दौरान हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काऊ बातें की गईं।
          घटना बुधवार 24 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे की है। ग्राम माठ के आदिवासी मोहल्ले में लोकेश नेताम के घर पर ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी। ग्राम माठ निवासी शिकायतकर्ता हेमंत सिंह मरावी ने खरोरा थाने में दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि रायपुर के राजेंद्र नगर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनका सहयोगी पीयूष पटेल अक्सर उनके गांव आते थे। शिकायत के मुताबिक दोनों आरोपी गांव के बीमार व्यक्तियों को ठीक करने का दावा करते थे और इसी बहाने चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। आरोप है कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को अर्थहीन बताया गया और धर्म के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियां की गईं। साथ ही भोले-भाले ग्रामीणों पर हिंदू धर्म छोड़कर ईसा मसीह को मानने और ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था।
          हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ टिप्पणी सुनकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। हेमंत मरावी, अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके सहित अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ा विरोध जताया। विरोध के बाद तत्काल खरोरा पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की शिकायत पर पुलिस ने रात 10 बजे दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया।
         पुलिस ने पास्टर सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 299, 302, 3(5) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की विवेचना खरोरा पुलिस द्वारा की जा रही है और पुलिस गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
          इस मामले में जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भोले-भाले ग्रामवासियों को बहला-फुसलाकर बीमारी ठीक करने के बहाने धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है जिसका विरोध किया जा रहा है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं नगर पंचायत खरोरा के उपाध्यक्ष सुमित सेन ने कहा कि हिंदू धर्म के लोग स्वभाव से सरल होते हैं और बाहर से आने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हैं, लेकिन बीमार-पीड़ित लोगों को चिन्हांकित कर लालच और झांसा देकर धर्मांतरण का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सर्व हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने का प्रयास है और प्रशासन को सख्ती अपनानी चाहिए। घटना के बाद से गांव में चर्चा का माहौल है।
          इस मामले पर खरोरा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कुशवाहा ने कहा है कि मामले पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है रिमांड पर लेकर विवेचना किया जा रहा है
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