बालिका सशक्तिकरण एवं उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मिला प्रेरक मार्गदर्शन
खरोरा,
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकी में आधुनिक शिक्षा को नई दिशा और गति प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्तित्व फाउंडेशन के विशेष सहयोग से विद्यालय में 'स्मार्ट पैनल' स्थापित किया गया है। इसका विधिवत लोकार्पण फाउंडेशन की संचालिका अनुपम दीवान द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ किया गया।
इस गरिमामय अवसर पर श्रद्धा वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विद्यालय के राम जी निषाद, अग्नू दास टंडन, वीना ठाकुर, श्वेता त्रिपाठी, अंजू मरकाम, अशोक कोसले, विजयलक्ष्मी वर्मा, पुष्कर साहू सहित समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
डिजिटल युग में प्रभावी बनेगा शिक्षण
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में मुख्य अतिथि अनुपम दीवान ने कहा कि आज के तेजी से बदलते डिजिटल युग में स्मार्ट पैनल विद्यार्थियों के लिए ज्ञान अर्जन का एक बेहद प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे कक्षा का शिक्षण अधिक रोचक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण होगा।
उन्होंने बताया कि 'अस्तित्व फाउंडेशन' वर्ष 2011 से बालिका सशक्तिकरण, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर सक्रिय है। फाउंडेशन छात्राओं को विभिन्न कुटीर एवं घरेलू उद्योगों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करता है और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति भी उपलब्ध कराता है। इसके अतिरिक्त, बालक-बालिकाओं को देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश, करियर निर्माण और वहाँ के शैक्षणिक परिवेश से जुड़ी आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है।
आधुनिक शिक्षा का खुलेगा नया द्वार
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सविता उष्या ने अस्तित्व फाउंडेशन के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पैनल विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शिक्षा का नया द्वार सिद्ध होगा, जिससे पूरी शिक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
इस अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के शिक्षक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने विद्यालय परिवार एवं अस्तित्व फाउंडेशन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज और शिक्षा के बीच इस प्रकार का सकारात्मक सहयोग विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अत्यंत प्रेरणादायी है। निश्चित रूप से ऐसे सार्थक प्रयास 'नई शिक्षा नीति' के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।