भगवान शिव व नागदेवता की हुई विशेष पूजा-अर्चना, विद्यार्थियों को बताया पर्व का महत्व
खरोरा,
स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नागपंचमी का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में आचार्य-दीदियों व विद्यार्थियों की उपस्थिति में विधि-विधान से नागदेवता और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी पाटकर ने कहा कि सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के गले में नागदेवता सुशोभित रहते हैं, इसलिए इस दिन नागदेवता की पूजा करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हिंदू संस्कृति में नागपंचमी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को सनातन परंपरा में जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रकृति पूजा से जुड़े इस पर्व के सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के समस्त आचार्य एवं दीदियां मुख्य रूप से उपस्थित रहे।