एनआईटी रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम, दो नई सुविधाओं का लोकार्पण

Lomash MR Dewaangan 2026-08-22

94 लाख की स्मार्ट क्लासरूम और 30 लाख के खेल मैदान ONGC व BEML के सहयोग से बने, "NIT Raipur: A Legacy of Excellence" पुस्तक का विमोचन

news-banner
रायपुर,
           राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में शुक्रवार को नवप्रवेशित 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन (इंडक्शन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस मुख्य समारोह से पहले परिसर में 1.24 करोड़ रुपये की लागत से विकसित अत्याधुनिक शैक्षणिक एवं खेल सुविधाओं का लोकार्पण किया गया।
          संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने उद्योग जगत के वरिष्ठ अतिथियों की मौजूदगी में इन सुविधाओं का उद्घाटन किया। इसमें ओएनजीसी के सीएसआर सहयोग से 94 लाख रुपये की लागत से तैयार वातानुकूलित व स्मार्ट बोर्ड युक्त स्मार्ट कक्षाएं और बीईएमएल के सहयोग से 30 लाख रुपये की लागत से बने आधुनिक बास्केटबॉल व वॉलीबॉल कोर्ट शामिल हैं।

'विचार ही असली शक्ति': डॉ. सुरेश हावरे
          समारोह में डॉ. सुरेश हावरे द्वारा लिखित पुस्तक “NIT Raipur: A Legacy of Excellence” का विमोचन किया गया। डॉ. हावरे ने बताया कि संस्थान के 15 प्रोफेसर दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हैं तथा यहां के पूर्व छात्र इसरो के चंद्रयान मिशन व परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने छात्रों को स्टार्टअप संस्कृति अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि आज के दौर में 'विचार ही शक्ति है।'
          निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव ने बताया कि संस्थान में वर्तमान में 5,938 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और यहां एनईपी-2020 के तहत पाठ्यक्रम संचालित हैं। उन्होंने छात्रों को कक्षा से परे भी सीखने और आजीवन संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया।

उद्योग दिग्गजों ने दिए करियर मंत्र
   मनीष पाटिल (निदेशक-HR, ONGC): कॉर्पोरेट जगत में सफलता के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ टीम वर्क और सॉफ्ट स्किल्स को सबसे जरूरी बताया।
   सुधीर वासुदेवा (पूर्व सीएमडी, ONGC): विद्यार्थियों को असफलता से डरे बिना प्रॉब्लम-सॉल्विंग एप्रोच अपनाने की सलाह दी।
   संजय सोम (निदेशक, BEML): चार साल की इंजीनियरिंग को चरित्र निर्माण और लीडरशिप के लिए अहम बताया।
   उमेश चितलांगिया (अध्यक्ष,एलुमनाई एसोसिएशन): पूर्व छात्रों के नेटवर्क को मेंटरशिप और प्लेसमेंट के लिए मजबूत सेतु बताया।

दूसरे सत्र में एंटी-रैगिंग नीति, अकादमिक और कैंपस सुविधाओं की मिली जानकारी
     कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को कैंपस जीवन और नियमों से रूबरू कराया गया:
   नियम व एंटी-रैगिंग: छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. मनोज चोपकर ने संस्थान की सख्त जीरो-टॉलरेंस एंटी-रैगिंग नीति से अवगत कराते हुए अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।
   अकादमिक व्यवस्था: एसोसिएट डीन डॉ. सुभोजित घोष ने पाठ्यक्रम, क्रेडिट सिस्टम और शैक्षणिक नियमों की विस्तृत जानकारी दी।
   करियर एवं प्लेसमेंट: डॉ. विवेक कुमार गाबा ने इनोवेशन, ट्रेनिंग, प्लेसमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप सेल की कार्यप्रणाली समझाई।
   क्लब व सांस्कृतिक गतिविधियां: डॉ. सुवेंदु रूप ने पूरे वर्ष आयोजित होने वाले छात्र क्लबों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बारे में बताया।
   छात्रावास व्यवस्था: वार्डन डॉ. दीपमाला शर्मा व डॉ. प्रदीप सिंह ने गर्ल्स व बॉयज हॉस्टल आवंटन, मेस और खेल सुविधाओं की जानकारी दी।
   मानसिक स्वास्थ्य: बेटरस्पेस की सीईओ डॉ. शिवली श्रीवास्तव ने छात्रों को मानसिक व भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और सहायता सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
News Image
News Image
News Image
News Image

Share It On: