रायपुर
धरसींवा क्षेत्र के पिरदा गांव की जमीन का अधिग्रहण अब सरकार नहीं करेगी। रायडीए (रायपुर विकास प्राधिकरण) की प्रस्तावित कौशल्या विहार कॉलोनी के लिए चिन्हांकित इस जमीन को लेकर ग्रामीणों में व्याप्त आशंका अब दूर हो गई है।
विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वित्त एवं आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया कि यदि पिरदा गांव के निवासी अपनी जमीन पर आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते, तो सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है।
गौरतलब है कि रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्व नियोजित योजना के तहत पिरदा गांव का चयन किया गया था, जिसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण और किसान भूमि अधिग्रहण को लेकर चिंतित हो उठे थे। इसके बाद ग्रामीणों ने ग्राम सभा बुलाकर विधायक अनुज शर्मा को अपनी मंशा से अवगत कराया।
विधायक शर्मा ने इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर बताया कि ग्रामीण अपनी कृषि भूमि पर खेती कर रहे हैं और करीब बीस प्रतिशत लोगों के घर भी उसी जमीन पर बने हैं, इसलिए ग्रामीण अपनी जमीन आरडीए को देने के इच्छुक नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री साय ने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से मोबाइल पर चर्चा कर ग्रामीणों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए।
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने ग्रामीणों से चर्चा के बाद कहा कि विधायक अनुज शर्मा ने उन्हें वस्तुस्थिति और ग्रामीणों की भावनाओं से अवगत कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामीण अपने गांव में आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते तो सरकार उनके साथ खड़ी है, और इस संबंध में आरडीए को निर्देशित किया जाएगा।
मंत्री की इस घोषणा पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। पत्रकारों से चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि विधायक अनुज शर्मा ने उनके साथ खड़े रहने का जो आश्वासन दिया था, उसे पूरा किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित जनपद सदस्य, सरपंच, पंचगण और प्रभावित किसान उपस्थित रहे।